- टायर के विस्तार (अपसाइज़िंग) के फायदे और नुकसान :-
टायर की खरीदारी के फैसले लेते समय कई तरह के चयन या पसंद मौजूद हैं, और मोटोरकार क्षेत्र भी इससे अनोखा नहीं है । जबकि उसकी कीमत और प्रदर्शन जैसे कारण अहम भूमिका निभाते हैं, खासकर मोटर प्रेमियों के लिए । इन्ही कारणों से कई लोग अपनी गाड़ी को कस्टमाइज़ और मॉडिफाई करना चाहते हैं । टायर अपसाइज़िंग भी इसी का एक हिस्सा है ।
- टायर विस्तार (अपसाइज़िंग) क्या हैं :-
टायर अपसाइज़िंग का मतलब है, अपनी कार में बड़े या चौड़े टायर लगाना । आमतौर पर गाड़ियां ओरिजीनल इक्विप्मन्ट मैन्यफैक्चरर (OEM) टायर और व्हील्स के साथ आती हैं, जिन्हे निर्माता परखते हैं, जिससे अधिकतम सुरक्षा, ईंधन, दक्षता और परफॉरमेंस मिले ।
जब आप बड़े टायर लगाते हैं, तो आप निर्माता कि रेकमेन्डेशन से बाहर जाते हैं, लेकिन क्या इससे गाड़ी का प्रदर्शन और सुरक्षा कम हो जायेगी ?
- टायर विस्तार (अपसाइज़िंग) के फायदे :-
- उत्तम दिखावट (लुक्स): चौड़े टायर कार को ज्यादा तेज (अग्रेसिव) और आरामदायक दिखाते हैं।
- संभालने और संचालन करने में सुधार: बड़े टायर ज्यादा स्थिरता और ग्रिप देते हैं ।
- ब्रेक लगाने पर वाहन का कम दूरी में रुक जाना: बड़े टायर जल्दी ब्रेक लगाने में आसान रहते हैं ।
- आरामदायक मोड़ पर कॉर्नरिंग: सख्त साइडवॉल के कारण बेहतर हैंडलिंग प्राप्त होती है, जिससे बॉडी रोल कम होता है।
- कुल प्रदर्शन में सुधार: वजन का संतुलन, सड़क पर पकड़ (ग्रिप), नियंत्रण (कंट्रोल) ये तीनों चीज़े मिलकर कार को सुरक्षित और चलाने में आरामदायक बनाती हैं ।
- टायर को मॉडिफाई (रूपांतरण) करवाने के नुकसान :-
- ज्यादा खर्च: बड़े टायर और व्हील्स महेंगे होते हैं ।
- कम एक्सेलरेशन: चौड़े टायर का वजन ज्यादा होने से समय के साथ टायर के वेग / गति (वेलोसिटी) में होने वाले परिवर्तन से एक्सेलरेशन कम हो जाता है ।
- भारी स्टीयरिंग: स्टीयरिंग ज्यादा सख्त और भारी हो सकता है ।
- कम माईलेज: चौड़े टायर का रोलिंग रेजिस्टेंस ज्यादा होता है ।
- स्पीडोमीटर में गड़बड़ी:गलत तरीके से साइज बढ़ाने से स्पीडोमीटर सहित कार के अन्य सिस्टम में गड़बड़ी हो सकती है ।
- कम आरामदायक राइड: लो प्रोफाइल टायर झटकों को कम समाहित या अवशोषित करते हैं ।
हर वाहान निर्माता मॉडेल के लिए एक स्टैन्डर्ड टायर और व्हील साइज़ देता है । यह निर्देशन, प्रदर्शन, हँडलिंग और माइलेज के संतुलन को बनाए रखने के लिए होता है ।
- अगर टायर विस्तार (अपसाइज़िंग) करनी है, तो ध्यान रखें:-
- टायर का हर तरह से व्यास या डायमीटर स्टॉक टायर (OEM -ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर टायर) से 3% से ज्यादा नहीं होना चाहिए ।
- सही तरीके से अपसाइज़ करने पर यह सुरक्षित है ।
- टायर विस्तार (अपसाइज़िंग) कैसे करें:-
- अपसाइज़िंग दो तरीके से की जा सकती है :
- ओरिजिनल पहियों पर चौड़े टायर : व्हील का साइज़ वही रहता है, सिर्फ टायर चौड़ा होता है ।
- बड़े व्हील्स के साथ चौड़े टायर : व्हील और टायर दोनों का साइज़ बढ़ाया जाता है ।
- टायर अपसाइज़िंग की गणना कैसे करें :
- स्टॉक टायर साइज़: 185/65 R15, कुल डायमीटर 5 मि.मी. (24.47 इंच) ।
- नया टायर: 205 मिलीमीटर, साइडवॉल हाइट 55%, व्हील साइज़ 15 इंच ।
- नया टायर साइज़ होगा: 205/55 R15 ।
- अगर 16 इंच व्हील चाहिए तो टायर साइज़ होगा : 205/55 R16 ।
- टायर अपसाइज़िंग बढ़ाने के सुझाव :
- एक ही साइज़ के पहिये लगाएं, खासकर एक ही एक्सल पर ।
- सही व्हील फ़िटमेंट के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें ।
- टायर अपसाइज़िंग से आपकी बीमा पॉलिसी पर पड़ने वाले प्रभाव की जांच करें ।
- SUV और बड़े वाहनों मे ज्यादा अपसाइज़िंग से बचें ।
परिणाम (निष्कर्ष) :
टायर अपसाइज़िंग वाहन के दिखावे और प्रदर्शन को सुधार सकता है, लेकिन इसे सोच समझकर करना चाहिए । अपने ड्राइविंग पैटर्न, कार के प्रकार और बजट को ध्यान में रखते हुए ही निर्णय लें ।
हर वाहन अलग होते हैं, इसलिए पेशेवर टायर एक्सपर्ट से सलाह लेना बेहतर है । सही जानकारी के साथ आप प्रदर्शन और सुरक्षा दोनों को बनाए रखते हुए ड्राइविंग अनुभव को और अच्छा बना सकते हैं ।
Customer Care: